ग्रहण दोष

यह क्या है

किसी प्रकाशमान ग्रह (सूर्य या चंद्र) का छाया-ग्रह के साथ युति में होना — कुंडली में आत्मविश्वास और भावना के स्रोतों पर ग्रहण-सदृश छाप।

निर्माण-नियम

सूर्य या चंद्रमा उसी राशि में स्थित होता है जिसमें राहु या केतु है।

हमारा इंजन क्या जाँचता है

दोनों प्रकाशमान ग्रहों का दोनों छाया-ग्रहों के साथ राशि-स्तर पर युति परीक्षण; प्रभावित प्रकाशमान ग्रह का नाम बताया जाता है।

तीव्रता आकलन

उपस्थित होने पर निम्न; अन्यथा कोई नहीं।

स्रोत व निष्पक्ष टिप्पणी

प्रथा — प्रकाशमान ग्रह–छाया-ग्रह युतियों का ग्रहण-संबंध, आधुनिक व्यवहार में व्यापक रूप से अपनाया गया; यहाँ प्रवृत्ति-स्तर तक सीमित।

यह केवल प्रवृत्ति-स्तर का विवेचन है: दोष तौलने योग्य एक कारक है, किसी जीवन पर अंतिम निर्णय नहीं। दोष-भंग और उपाय पूरी कुंडली पर निर्भर करते हैं और परंपरागत रूप से किसी योग्य ज्योतिषी द्वारा ही आँके जाते हैं।

आपके प्रश्नों के उत्तर

ग्रहण दोष किससे बनता है?

सूर्य या चंद्रमा उसी राशि में स्थित होता है जिसमें राहु या केतु है।

इंजन ग्रहण दोष के लिए ठीक क्या जाँचता है?

दोनों प्रकाशमान ग्रहों का दोनों छाया-ग्रहों के साथ राशि-स्तर पर युति परीक्षण; प्रभावित प्रकाशमान ग्रह का नाम बताया जाता है।

ग्रहण दोष कितना गंभीर है?

उपस्थित होने पर निम्न; अन्यथा कोई नहीं।

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