हम जो छह दोष जाँचते हैं
हर पृष्ठ बताता है: पारंपरिक विचार, हमारा इंजन जो सटीक नियम लागू करता है, तीव्रता कैसे आँकी जाती है — और स्पष्ट रूप से, यह कि दोष शास्त्रीय सिद्धांत है या व्यापक रूप से प्रचलित आधुनिक परिपाटी। दोष तौलने का एक कारक है, कभी निर्णय नहीं।
मंगल दोष (मांगलिक)
विवाह-मिलान में व्यापक रूप से जाँचा जाने वाला कारक: साझेदारी के लिए संवेदनशील माने गए भावो…
काल सर्प दोष
वह विन्यास जिसमें सभी शास्त्रीय ग्रह राहु–केतु अक्ष के एक ही ओर स्थित होते हैं — इसे कर्म-…
शनि साढ़े साती
लगभग साढ़े सात वर्ष की वह अवधि जिसमें गोचर का शनि जन्म-चंद्र से 12वीं, पहली और दूसरी राशिय…
गुरु चांडाल दोष
बृहस्पति का किसी छाया-ग्रह (राहु या केतु) के साथ युति में होना — गुरु का परामर्श छाया-ग्रह…
ग्रहण दोष
किसी प्रकाशमान ग्रह (सूर्य या चंद्र) का छाया-ग्रह के साथ युति में होना — कुंडली में आत्मवि…
पितृ दोष
पितृ-कर्म का संकेत, जिसे परंपरागत रूप से 9वें भाव (पितृ-स्थान) पर या सूर्य पर पीड़ा से पढ़…
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निःशुल्क कुंडली आपकी कुंडली में छहों दोष जाँचती है — तीव्रता और स्पष्ट सावधानियों सहित।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ →लहिरी अयनांश (निरयण) से गणना। पंचांग मान स्थानीय सूर्योदय पर आधारित हैं। हम गणना कैसे करते हैं →