शनि साढ़े साती

यह क्या है

लगभग साढ़े सात वर्ष की वह अवधि जिसमें गोचर का शनि जन्म-चंद्र से 12वीं, पहली और दूसरी राशियों को पार करता है — परंपरागत रूप से दबाव, छँटाई और परिपक्वता का काल।

निर्माण-नियम

गोचर शनि की निरयण राशि जन्म-चंद्र राशि से गिनकर 12वीं, पहली या दूसरी राशि में पड़ती है।

हमारा इंजन क्या जाँचता है

अनुरोध के क्षण के लिए वर्तमान गोचर-शनि की राशि की गणना कर उसे जन्म-चंद्र राशि से मिलाया जाता है; सक्रिय चरण (उदय/शिखर/अस्त ढैया) का नाम बताया जाता है। यह वर्तमान गोचर पर निर्भर होने से, यह दोष तभी आँका जाता है जब गोचर-संदर्भ उपलब्ध हो।

तीव्रता आकलन

शिखर (दूसरी) ढैया-काल में — जब शनि स्वयं चंद्र राशि पर हो — उच्च; उदय और अस्त ढैयाओं में मध्यम; इनके बाहर कोई नहीं।

स्रोत व निष्पक्ष टिप्पणी

शास्त्रीय शनि-गोचर सिद्धांत (चंद्र से 12वीं–पहली–दूसरी राशियों पर साढ़े साती / ढैया योजना) — वही नियम जिसे इंजन का Today पैनल और दोष-जाँच दोनों साझा करते हैं।

यह केवल प्रवृत्ति-स्तर का विवेचन है: दोष तौलने योग्य एक कारक है, किसी जीवन पर अंतिम निर्णय नहीं। दोष-भंग और उपाय पूरी कुंडली पर निर्भर करते हैं और परंपरागत रूप से किसी योग्य ज्योतिषी द्वारा ही आँके जाते हैं।

आपके प्रश्नों के उत्तर

शनि साढ़े साती किससे बनता है?

गोचर शनि की निरयण राशि जन्म-चंद्र राशि से गिनकर 12वीं, पहली या दूसरी राशि में पड़ती है।

इंजन शनि साढ़े साती के लिए ठीक क्या जाँचता है?

अनुरोध के क्षण के लिए वर्तमान गोचर-शनि की राशि की गणना कर उसे जन्म-चंद्र राशि से मिलाया जाता है; सक्रिय चरण (उदय/शिखर/अस्त ढैया) का नाम बताया जाता है। यह वर्तमान गोचर पर निर्भर होने से, यह दोष तभी आँका जाता है जब गोचर-संदर्भ उपलब्ध हो।

शनि साढ़े साती कितना गंभीर है?

शिखर (दूसरी) ढैया-काल में — जब शनि स्वयं चंद्र राशि पर हो — उच्च; उदय और अस्त ढैयाओं में मध्यम; इनके बाहर कोई नहीं।

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