पंचक तिथि कैलेंडर
प्रत्येक पंचक अवधि — चंद्रमा का अंतिम पाँच नक्षत्रों, धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, का भ्रमण — नई दिल्ली पर सटीक आरंभ व समाप्ति समय सहित, निरयण चंद्रमा से गणना की गई।
इस समय पंचक
इस समय पंचक नहीं है।
अगला पंचक: गुरुवार, 27 अगस्त 2026 13:35 — मंगलवार, 1 सितंबर 2026 03:23।
वर्ष अनुसार पंचक
आपके प्रश्नों के उत्तर
पंचक क्या है?
पंचक वह अवधि है जब चंद्रमा निरयण राशिचक्र के अंतिम 60° का भ्रमण करता है — धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक के पाँच नक्षत्र। यह प्रत्येक नाक्षत्र मास में लगभग पाँच दिन के लिए आता है।
परंपरा पंचक में किन कार्यों से बचती है?
परंपरा से कुछ कार्य — दक्षिण दिशा की यात्रा, छत ढालना, ईंधन एकत्र करना, चारपाई बनाना और अंत्येष्टि — पंचक में स्थगित किए जाते हैं। यह एक कथित प्रथा है; पृष्ठ किसी परिणाम का दावा नहीं करता।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं?
चंद्रमा के निरयण देशांतर को 300° (पंचक आरंभ) और 360° (पंचक समाप्ति) के पारण हेतु खोजा जाता है, सेकंड तक परिष्कृत करके भारतीय मानक समय में दर्शाया जाता है। लाहिरी अयनांश।
इसे अपनी कुंडली में देखें — पूरी वैदिक कुंडली निःशुल्क है, बिना साइन-अप के।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ →पंचक अवधियाँ निरयण चंद्रमा के देशांतर को राशिचक्र के अंतिम 60° में प्रवेश व निर्गम हेतु खोजकर, सेकंड तक परिष्कृत करके, नई दिल्ली स्थानीय समय में दर्शाकर निकाली जाती हैं। शुभ-अशुभ का कोई दावा नहीं।
लहिरी अयनांश (निरयण) से गणना। पंचांग मान स्थानीय सूर्योदय पर आधारित हैं। हम गणना कैसे करते हैं →