प्रदोष व्रत तिथियाँ 2026
नई दिल्ली पर प्रत्येक व्रत अपने नियत क्षण (चंद्रोदय, सूर्यास्त, निशिता या सूर्योदय) अनुसार निर्धारित पालन दिवस; सटीक तिथि अवधियाँ दर्शित।
| तिथि | पक्ष | प्रदोष काल (सूर्यास्त) | तिथि अवधि |
|---|---|---|---|
| गुरुवार, 1 जनवरी 2026 | शुक्ल | – | |
| शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 | कृष्ण | – | |
| शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 | शुक्ल | – | |
| शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 | कृष्ण | – | |
| रविवार, 1 मार्च 2026 | शुक्ल | – | |
| सोमवार, 16 मार्च 2026 | कृष्ण | – | |
| सोमवार, 30 मार्च 2026 | शुक्ल | – | |
| बुधवार, 15 अप्रैल 2026 | कृष्ण | – | |
| मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 | शुक्ल | – | |
| गुरुवार, 14 मई 2026 | कृष्ण | – | |
| गुरुवार, 28 मई 2026 | शुक्ल | – | |
| शुक्रवार, 12 जून 2026 | कृष्ण | – | |
| शनिवार, 27 जून 2026 | शुक्ल | – | |
| रविवार, 12 जुलाई 2026 | कृष्ण | – | |
| रविवार, 26 जुलाई 2026 | शुक्ल | – | |
| सोमवार, 10 अगस्त 2026 | कृष्ण | – | |
| मंगलवार, 25 अगस्त 2026 | शुक्ल | – | |
| मंगलवार, 8 सितंबर 2026 | कृष्ण | – | |
| गुरुवार, 24 सितंबर 2026 | शुक्ल | – | |
| गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 | कृष्ण | – | |
| शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | शुक्ल | – | |
| शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | कृष्ण | – | |
| रविवार, 22 नवंबर 2026 | शुक्ल | – | |
| रविवार, 6 दिसंबर 2026 | कृष्ण | – | |
| सोमवार, 21 दिसंबर 2026 | शुक्ल | – |
आपके प्रश्नों के उत्तर
2026 में कितने प्रदोष व्रत होते हैं?
संदर्भ स्थान पर 2026 में 25 प्रदोष व्रत अवसर हैं, प्रत्येक वास्तविक तिथि से गणना।
पालन दिवस कैसे निर्धारित होता है?
प्रत्येक व्रत का अपना नियत क्षण है — संकष्टी चंद्रोदय से, प्रदोष सूर्यास्त (प्रदोष काल) से, मासिक शिवरात्रि निशिता (मध्यरात्रि) से व दुर्गाष्टमी सूर्योदय से। जिस दिन उस क्षण पर आवश्यक तिथि विद्यमान होती है वही पालन दिवस है — एक उद्धृत परंपरा, संदर्भ स्थान हेतु द्रिक पंचांग से सत्यापित।
क्या ये तिथियाँ स्थान-विशिष्ट हैं?
तिथि क्षण वैश्विक हैं; सूर्योदय-आधारित दिन नई दिल्ली पर गणना है और अन्यत्र एक दिन खिसक सकता है।
आज का पूर्ण पंचांग देखें
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ →तिथि सूर्य–चंद्र दूरी से; पालन दिवस नई दिल्ली पर प्रत्येक व्रत के नियत क्षण (चंद्रोदय / सूर्यास्त / निशिता / सूर्योदय) से निर्धारित। उद्धृत परंपरा, द्रिक-सत्यापित। निरयण (लाहिरी)।
लहिरी अयनांश (निरयण) से गणना। पंचांग मान स्थानीय सूर्योदय पर आधारित हैं। हम गणना कैसे करते हैं →