विशाखा व उत्तराभाद्रपद

दोनों चंद्र नक्षत्रों से अष्टकूट गुण मिलान। राशि-आधारित कूट पद पर निर्भर हैं, नीचे विकल्पों में दर्शाए गए।

तारा कूट — 21 में से 12

ये चार कूट केवल नक्षत्रों पर निर्भर हैं, अतः चंद्रमा किसी भी पद में हो, समान रहते हैं।

कूट अंक कारण
तारा 3 / 3 गणना 2 व 9 — दोनों शुभ
योनि 0 / 4 व्याघ्र · गौ
गण 1 / 6 राक्षस · मनुष्य
नाड़ी 8 / 8 अंत्य · मध्य

चंद्र-राशि विकल्प अनुसार पूरा स्कोर

राशि-आधारित कूट (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) प्रत्येक चंद्रमा की सटीक राशि पर निर्भर हैं, जो पद से तय होती है। हर पंक्ति वास्तविक 36-अंक स्कोर है।

वर का चंद्र तुला में (पद 1–3), वधू का मीन में (पद 1–4)

36 में से 13 सीमा से नीचे

अनुकूलता कम है; उपाय व परामर्श की सलाह दी जाती है।

भकूट दोषगण दोष

वर का चंद्र वृश्चिक में (पद 4), वधू का मीन में (पद 1–4)

36 में से 19 माध्य — स्वीकार्य

स्वीकार्य; दोषों की समीक्षा करें और मार्गदर्शित विश्लेषण लें।

भकूट दोषगण दोष

आपके प्रश्नों के उत्तर

विशाखा और उत्तराभाद्रपद का नक्षत्र मेल कैसा है?

चार तारा-आधारित कूट (तारा, योनि, गण, नाड़ी) 21 में से 12 अंक देते हैं; पूरा 36-अंक स्कोर प्रत्येक चंद्रमा की राशि (पद) पर निर्भर है, विकल्प अनुसार दर्शाया गया।

कई स्कोर क्यों हैं?

जब कोई नक्षत्र दो राशियों में फैला हो, उसके पद भिन्न चंद्र राशियों में आते हैं — हर एक भिन्न राशि-कूट अंक देता है, अतः हर वैध संयोजन दर्शाया गया है।

क्या अष्टकूट ही पूर्ण मेल है?

नहीं — अष्टकूट एक शास्त्रीय परिपाटी है। मांगलिक व अन्य कारक भी महत्व रखते हैं; पूर्ण आकलन हेतु सटीक कुंडली-आधारित मेल की गणना करें।

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दोनों चंद्र नक्षत्रों व राशियों से अष्टकूट गुण मिलान (36 अंक) — एक शास्त्रीय परिपाटी, विवाह पर निर्णय नहीं।

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