नामकरण — शुभ तिथियाँ

अगले 30 दिन, हर दिन नीचे दिए शास्त्रीय मुहूर्त-द्वारों से आँका गया — घोषित संदर्भ स्थान नई दिल्ली के लिए गणना से, किसी छपी सूची से उतारी नहीं गई।

हमारा इंजन जो नियम लागू करता है

  • 1. दिन का नक्षत्र-स्वभाव इनमें से एक होना चाहिए: मृदु (सौम्य कार्य — कला, आभूषण, मित्रता, प्रेम); ध्रुव (स्थायी कार्य — नींव, रोपण, राज्याभिषेक); क्षिप्र (शीघ्र कार्य — व्यापार, विद्या, औषधि); चर (गति के कार्य — यात्रा, वाहन, स्थानांतरण).
  • 2.तिथि रिक्ता (पक्ष की 4/9/14) नहीं होनी चाहिए।
  • 3.चंद्रमा गंड-मूल संधि नक्षत्र में नहीं होना चाहिए।
  • 4.नित्य योग नौ अशुभ योगों में से नहीं होना चाहिए।

स्रोत: मुहूर्त चिंतामणि का स्वभाव→कार्य मानचित्रण, पंचांग-शुद्धि से नियंत्रित — वही नियम जो हर नगर-पंचांग पृष्ठ के पीछे हैं। चिकित्सा/शल्य समय जानबूझकर सम्मिलित नहीं।

अगले 30 दिन

  • शनिवार, 8 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • रविवार, 9 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • शनिवार, 15 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • सोमवार, 17 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • मंगलवार, 18 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • बुधवार, 19 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • मंगलवार, 25 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • बुधवार, 26 अगस्त 2026 अनुकूल · 3/3 अंग
  • शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 अनुकूल · 3/3 अंग

आपके प्रश्नों के उत्तर

नामकरण के लिए अगला अनुकूल दिन कब है?

हमारा इंजन जिसे अगला अनुकूल दिन पाता है वह शनिवार, 8 अगस्त 2026 है (नई दिल्ली संदर्भ स्थान पर)।

अगले 30 दिनों में नामकरण के कितने अनुकूल दिन हैं?

अगले 30 में से 9 दिन अनुकूल हैं: दिन का नक्षत्र-स्वभाव कार्य के अनुकूल हो और तिथि, नित्य योग व गंड-मूल तीनों अंग निर्बाध हों।

कौन से नक्षत्र-स्वभाव नामकरण के अनुकूल हैं?

मृदु, ध्रुव, क्षिप्र, चर — मुहूर्त चिंतामणि के स्वभाव-से-कार्य मानचित्रण के अनुसार।

सामान्य रूप से अनुकूल दिन को भी आपकी अपनी कुंडली के अनुकूल होना चाहिए — अपनी निःशुल्क कुंडली में नामकरण के भाव देखें।

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दिन के पंचांग से सामान्य मुहूर्त-मार्गदर्शन, कोई निर्देश नहीं: किसी विशेष संस्कार के लिए पूर्ण मुहूर्त-विचार चाहिए जो संबंधित व्यक्तियों की कुंडलियाँ भी तौले।

तिथियाँ नई दिल्ली संदर्भ स्थान (28.6139°N, 77.209°E) पर आँकी जाती हैं — मानक राष्ट्रीय-पंचांग परिपाटी।

लहिरी अयनांश (निरयण) से गणना। पंचांग मान स्थानीय सूर्योदय पर आधारित हैं। हम गणना कैसे करते हैं →