वाराणसी, उत्तर प्रदेश का पंचांग — 31 अगस्त 2026

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पाँच अंग

तिथि कृष्ण तृतीया (स्वामी मंगल)
वार (सप्ताह-दिन) सोमवार (स्वामी चंद्र)
नक्षत्र रेवती — पद 1 (स्वामी बुध)
योग गंड (अशुभ)
करण विष्टि
सूर्योदय
05:38 am
सूर्यास्त
06:18 pm
चंद्र कला
कृष्ण (घटता) · 91% प्रकाशित
तिथि समाप्ति
08:51 am, 31 अग॰
नक्षत्र समाप्ति
03:23 am, 1 सित॰

दिन का निर्णय — पंचांग शुद्धि

मिश्रित

3 में से 1 दिन-अंग निर्बाध

  • तिथि जया है (रिक्ता नहीं) — अनुकूल
  • चंद्रमा गंड-मूल संधि नक्षत्र में — प्रतिकूल (प्रबल परिहार)
  • नित्य योग नौ अशुभ योगों में से एक है
  • नक्षत्र-स्वभाव मृदु है — सौम्य कार्य — कला, आभूषण, मित्रता, प्रेम के अनुकूल

बचने योग्य समय

अवधिप्रारंभसमाप्ति
राहु काल 07:13 am 08:48 am
यमगंड 10:23 am 11:58 am
गुलिक काल 01:33 pm 03:08 pm

ब्रह्म मुहूर्त: 04:07 am–04:52 am · अभिजित: 11:32 am–12:23 pm

अनुकूल अवधियाँ

अवधिप्रारंभसमाप्ति
चौघड़िया · अमृत 05:38 am 07:13 am
चौघड़िया · शुभ 08:48 am 10:23 am
अभिजित मुहूर्त 11:58 am 12:23 pm
चौघड़िया · चर 03:08 pm 03:08 pm
चौघड़िया · लाभ 03:08 pm 04:43 pm
चौघड़िया · अमृत 04:43 pm 06:18 pm
चौघड़िया · चर 06:18 pm 07:43 pm
चौघड़िया · लाभ 10:33 pm 11:58 pm
चौघड़िया · शुभ 01:23 am 02:48 am
चौघड़िया · अमृत 02:48 am 04:13 am
चौघड़िया · चर 04:13 am 05:38 am

काल से टकराती अवधियाँ काट-छाँट कर रखी जाती हैं, हटाई नहीं जातीं।

कार्य-उपयुक्तता — वाराणसी, उत्तर प्रदेश

कार्यउपयुक्तताकारण
विवाह अनुकूल नहीं दिन के अंग (तिथि / योग / गंड-मूल) पूर्णतः निर्बाध नहीं हैं
यात्रा अनुकूल नहीं दिन के अंग (तिथि / योग / गंड-मूल) पूर्णतः निर्बाध नहीं हैं
विद्यारंभ अनुकूल नहीं दिन के अंग (तिथि / योग / गंड-मूल) पूर्णतः निर्बाध नहीं हैं
गृहारंभ अनुकूल नहीं दिन के अंग (तिथि / योग / गंड-मूल) पूर्णतः निर्बाध नहीं हैं
व्यापार अनुकूल नहीं मृदु नक्षत्र इस कार्य के अनुकूल स्वभावों में नहीं है
नामकरण अनुकूल नहीं दिन के अंग (तिथि / योग / गंड-मूल) पूर्णतः निर्बाध नहीं हैं
गृह प्रवेश अनुकूल नहीं दिन के अंग (तिथि / योग / गंड-मूल) पूर्णतः निर्बाध नहीं हैं
वाहन क्रय अनुकूल नहीं मृदु नक्षत्र इस कार्य के अनुकूल स्वभावों में नहीं है
स्वर्ण क्रय अनुकूल नहीं मृदु नक्षत्र इस कार्य के अनुकूल स्वभावों में नहीं है
वाग्दान अनुकूल नहीं दिन के अंग (तिथि / योग / गंड-मूल) पूर्णतः निर्बाध नहीं हैं

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आपके प्रश्नों के उत्तर

31 अगस्त 2026 को वाराणसी में राहु काल कितने बजे है?

राहु काल 07:13 am से 08:48 am तक है (स्थानीय समय)।

31 अगस्त 2026 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि कृष्ण तृतीया है।

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दैनिक पंचांग-शुद्धि + सामान्य कार्य-मार्गदर्शन (परंपरा): कार्य-उपयुक्तता नक्षत्र-स्वभाव → कार्य के मुहूर्त-चिंतामणि संगति-सारणी पर आधारित है, जो दिन के अंगों से नियंत्रित होती है — यह सामान्य मुहूर्त-मार्गदर्शन है, कोई निर्देश नहीं, और चिकित्सा/शल्य समय जानबूझकर सम्मिलित नहीं है। नक्षत्र-स्वभाव प्रचलित 27-विध योजना है; केवल रिक्ता तिथियाँ चिह्नित होती हैं; निर्णय-भार एक पारदर्शी नियत नियम है — सदैव योगदान करने वाले कारक पढ़ें, और किसी विशेष कार्य के लिए पूर्ण मुहूर्त सारणी देखें।

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