आगरा, उत्तर प्रदेश में राहु काल — 6 अगस्त 2026
आगरा के लिए तीन अशुभ दिन-अष्टमांश अवधियाँ, नगर के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से गणना की गई — किसी स्थिर नगर-सारणी से नहीं।
राहु काल
02:03 pm
03:43 pm तक
यमगंड
05:44 am
07:24 am तक
गुलिक काल
09:04 am
10:43 am तक
अगले 7 दिन
| दिनांक | राहु काल | यमगंड | गुलिक काल |
|---|---|---|---|
| गुरुवार, 6 अगस्त 2026 | 02:03 pm–03:43 pm | 05:44 am–07:24 am | 09:04 am–10:43 am |
| शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 | 10:43 am–12:23 pm | 03:42 pm–05:22 pm | 07:24 am–09:04 am |
| शनिवार, 8 अगस्त 2026 | 09:04 am–10:43 am | 02:02 pm–03:42 pm | 05:45 am–07:24 am |
| रविवार, 9 अगस्त 2026 | 05:21 pm–07:00 pm | 12:23 pm–02:02 pm | 03:42 pm–05:21 pm |
| सोमवार, 10 अगस्त 2026 | 07:25 am–09:04 am | 10:44 am–12:23 pm | 02:02 pm–03:41 pm |
| मंगलवार, 11 अगस्त 2026 | 03:41 pm–05:20 pm | 09:05 am–10:44 am | 12:23 pm–02:02 pm |
| बुधवार, 12 अगस्त 2026 | 12:22 pm–02:01 pm | 07:26 am–09:05 am | 10:44 am–12:22 pm |
राहु काल क्या है?
राहु काल (अपने सहवर्ती यमगंड और गुलिक काल सहित) सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के दिनमान के आठ समान भागों में से एक है। कौन सा अष्टमांश किस अवधि को मिलता है, यह केवल वार पर निर्भर करता है — मानक प्रकाशित पंचांग सारणियों के अनुसार; हमारा इंजन उन्हीं सारणियों को नगर के वास्तविक सूर्य-समयों पर लागू करता है, इसलिए ये अवधियाँ ऋतुओं के साथ बदलती रहती हैं। परंपरा में इन अवधियों में नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है; नियमित कामकाज पर कोई रोक नहीं है।
स्रोत: मानक दृक्-पंचांग त्रिकालम् सारणियाँ (वार-अनुक्रमित दिन-अष्टमांश), PyJHora के trikalam क्रियान्वयन से अक्षरशः मिलान — देखें स्रोत और कार्यप्रणाली।
आपके प्रश्नों के उत्तर
आज आगरा में राहु काल कितने बजे है?
आज (6 अगस्त 2026) आगरा में राहु काल स्थानीय समय 02:03 pm से 03:43 pm तक है।
क्या राहु काल हर दिन एक ही समय पर होता है?
नहीं। राहु काल वास्तविक दिनमान का आठवाँ भाग है, जिसकी स्थिति वार पर निर्भर करती है — इसलिए इसका घड़ी-समय वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ हर दिन बदलता रहता है।
आज आगरा में गुलिक काल कब है?
गुलिक काल स्थानीय समय 09:04 am से 10:43 am तक है।
इसे अपनी कुंडली में देखें — पूरी वैदिक कुंडली निःशुल्क है, बिना साइन-अप के।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ →लहिरी अयनांश (निरयण) से गणना। पंचांग मान स्थानीय सूर्योदय पर आधारित हैं। हम गणना कैसे करते हैं →