बुध वक्री तिथियाँ
नई दिल्ली हेतु, गुरुवार, 6 अगस्त 2026 तक। स्टेशन क्षण स्थानीय समय में दर्शाए गए हैं।
इस समय
बुध अभी मार्गी गति में है।
अगला स्टेशन: शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, 12:45 को तुला में वक्री होता है।
बुध वक्री अवधियाँ
| वक्री आरंभ | मार्गी आरंभ | राशि |
|---|---|---|
| वृश्चिक → तुला | ||
| कुंभ | ||
| कर्क → मिथुन | ||
| तुला | ||
| कुंभ → मकर | ||
| मिथुन | ||
| तुला → कन्या | ||
| मकर | ||
| वृषभ | ||
| कन्या | ||
| मकर → धनु | ||
| वृषभ → मेष |
आपके प्रश्नों के उत्तर
बुध अगली बार कब वक्री होता है?
बुध अगली बार शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, 12:45 को वक्री होता है। इसकी सभी वक्री अवधियाँ ऊपर की तालिका में सूचीबद्ध हैं।
ये तिथियाँ वैदिक हेतु हैं या पाश्चात्य हेतु?
वक्री स्टेशन आभासी गति का तथ्य है, इसलिए यह क्षण दोनों पद्धतियों में एक समान है — केवल राशि-नाम भिन्न होता है। यहाँ दर्शाई राशियाँ निरयण (लाहिरी) हैं।
वक्री का अर्थ क्या है?
वक्री वह अवधि है जब पृथ्वी से देखने पर ग्रह तारों के सापेक्ष पीछे की ओर बढ़ता प्रतीत होता है। यह दो कक्षाओं का दृष्टि-प्रभाव है, ग्रह के वास्तविक पथ में परिवर्तन नहीं।
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अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ →स्टेशन क्षण ग्रह की आभासी देशांतर-गति में चिह्न-परिवर्तन खोजकर और मिनट तक परिष्कृत करके, लाहिरी निरयण राशिचक्र में निकाले जाते हैं, नई दिल्ली स्थानीय समय में दर्शाए गए। कोई फल-कथन नहीं।
लहिरी अयनांश (निरयण) से गणना। पंचांग मान स्थानीय सूर्योदय पर आधारित हैं। हम गणना कैसे करते हैं →