रवि पुष्य योग 2026
2026 में नई दिल्ली पर 6 अवधियाँ, सूर्योदय-से-सूर्योदय गणना।
| दिन | वार | अवधि | नक्षत्र | तिथि |
|---|---|---|---|---|
| रविवार, 4 जनवरी 2026 | रविवार | 15:11–07:14 | पुष्य | प्रतिपदा |
| रविवार, 1 फ़रवरी 2026 | रविवार | 07:09–23:58 | पुष्य | पूर्णिमा/अमावस्या |
| रविवार, 1 मार्च 2026 | रविवार | 06:46–08:34 | पुष्य | त्रयोदशी |
| रविवार, 4 अक्टूबर 2026 | रविवार | 00:13–06:16 | पुष्य | नवमी |
| रविवार, 1 नवंबर 2026 | रविवार | 06:32–04:30 | पुष्य | सप्तमी |
| रविवार, 29 नवंबर 2026 | रविवार | 06:54–10:59 | पुष्य | षष्ठी |
आपके प्रश्नों के उत्तर
रवि पुष्य योग क्या है?
रवि पुष्य योग तब बनता है जब पुष्य नक्षत्र रविवार को पड़े।
ये तिथियाँ कैसे गणित होती हैं?
आवश्यक नक्षत्र का आवश्यक वार (सूर्योदय-से-सूर्योदय) पर संदर्भ स्थान पर उपस्थित होना ज्ञात करके, एफ़ेमेरिस (लाहिड़ी) से। नियम एक उद्धृत शास्त्रीय परंपरा है।
क्या सभी पंचांग इन तिथियों पर सहमत हैं?
रवि पुष्य, गुरु पुष्य व अमृत सिद्धि पर प्राधिकरण सहमत हैं; सर्वार्थ सिद्धि के कुछ वार-नक्षत्र कक्षों पर भिन्नता है। यह पृष्ठ शास्त्रीय पाठ (जिसे द्रिक पंचांग गणित करता है) पिन करता है और उसकी 2026 तिथियाँ संदर्भ स्थान हेतु द्रिक पंचांग से सत्यापित करता है। भिन्नताएँ प्रकट की जाती हैं, कोई फल नहीं।
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अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ →अवधियाँ नई दिल्ली पर वार अनुसार (सूर्योदय-से-सूर्योदय) एफ़ेमेरिस (लाहिड़ी) से गणित हैं; सूर्योदय-पूर्व की अवधि उसके शासक वार वाली पिछली तिथि के अंतर्गत सूचीबद्ध होती है। योग-नियम एक उद्धृत शास्त्रीय परंपरा है, पंचांग प्राधिकरणों में क्रॉस-सत्यापित, भिन्नताएँ प्रकट व 2026 तिथियाँ द्रिक पंचांग से सत्यापित। कोई फल नहीं।
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