Vimala Yoga

राज योग · ग्रंथ-प्रमाणित (साधित उदाहरण)

निर्माण — इंजन क्या जाँचता है

बारहवें भाव का स्वामी स्वयं बारहवें भाव में स्थित हो।

अर्थ

एक विपरीत (उलट-फेर) योग: मितव्ययिता, स्वावलंबन और शुद्ध आचरण की प्रवृत्तियाँ — व्यय पर नियंत्रण, न कि व्यय के अधीन होना।

केवल सामान्य प्रवृत्तियाँ — योग अनेक कारकों में से एक है; पूरी कुंडली को समग्र रूप से तौलने पर ही पूरी बात सामने आती है।

स्रोत

BPHS + बी.वी. रमन (BVR — विपरीत राज) — बारहवें भाव का स्वामी बारहवें भाव में; मानक राशि-स्वामी (प्रथा; PyJHora वृश्चिक/कुंभ के लिए केतु/राहु सह-स्वामी लेता है)

ऊपर दिया उद्धरण इंजन की सूची-प्रविष्टि पर ही अंकित है — वही जो कुंडली डैशबोर्ड दिखाता है जब यह योग किसी कुंडली में बनता है।

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