सूर्य व चंद्र ग्रहण 2026

नीचे दिया हर क्षण एक उच्च-सटीकता खगोलीय ग्रहण-खोज से आता है, जिसे निरयण राशिचक्र (लहिरी) पर रखा गया है। दृश्यता नई दिल्ली (घोषित संदर्भ स्थान) के लिए अंकित है।

चरम (UTC) प्रकार स्वरूप निरयण स्थिति नक्षत्र नई दिल्ली में दृश्य?
सूर्य ग्रहण वलयाकार 4°37′ कुंभ धनिष्ठा नहीं
चंद्र ग्रहण पूर्ण 18°38′ सिंह पूर्वा फाल्गुनी हाँ
सूर्य ग्रहण पूर्ण 25°48′ कर्क आश्लेषा नहीं
चंद्र ग्रहण आंशिक 10°37′ कुंभ शतभिषा नहीं

दृश्यता = संदर्भ स्थान पर प्रच्छाया (आंशिक या पूर्ण) चरण के कम-से-कम कुछ भाग के दौरान ग्रहणग्रस्त पिंड का क्षितिज से ऊपर होना — स्थान-विशेष स्थानीय स्थिति से गणित। अपने नगर हेतु स्थानीय ग्रहण पृष्ठ देखें।

नगर-अनुसार ग्रहण समय 2026

प्रत्येक नगर के लिए स्थानीय स्पर्श-समय और दृश्यता — वही परिकलित ग्रहण, उस नगर के अपने आकाश में।

नई दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादपुणेअहमदाबादसूरतजयपुरलखनऊकानपुरनागपुरइंदौरभोपालपटनावाराणसीचंडीगढ़लुधियानाअमृतसरकोच्चितिरुवनंतपुरमकोयंबटूरमदुरैविशाखापत्तनमविजयवाड़ागुवाहाटीभुवनेश्वरदेहरादूनरांचीरायपुरजोधपुरउदयपुरग्वालियरइलाहाबाद (प्रयागराज)आगरामेरठनोएडागुरुग्रामफरीदाबादश्रीनगरजम्मूशिमलामैसूरुमंगलुरुनासिकऔरंगाबादराजकोटवडोदराजमशेदपुरतिरुपतिहरिद्वारउज्जैनकाठमांडूकोलंबोढाकाकराचीलाहौरथिम्पूदुबईअबू धाबीदोहारियादमस्कटकुवैत सिटीलंदनन्यूयॉर्कसैन फ्रांसिस्कोशिकागोटोरंटोसिंगापुरसिडनीमेलबर्नकुआलालंपुरहांगकांगटोक्योफ्रैंकफर्टपेरिसऑकलैंडनैरोबीजोहान्सबर्ग

ग्रहण शब्दावली

ग्रहण (Grahana)
किसी प्रकाशमान पिंड के "ग्रस लिए जाने" का संस्कृत शब्द — परंपरा में इसे ग्रहणग्रस्त पिंड की निरयण स्थिति पर पढ़ा जाता है।
पूर्ण / वलयाकार / आंशिक (सूर्य)
अधिकतम स्थिति में चंद्रमा सूर्य के बिंब को कितना ढकता है: पूरा; बाहरी वलय छोड़कर शेष सब; या आंशिक रूप से।
पूर्ण / आंशिक / उपच्छाया (चंद्र)
चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया को पूर्णतः पार करता है, आंशिक रूप से पार करता है, या केवल बाहरी उपच्छाया से।
दृश्यता
हम अंकित करते हैं कि प्रच्छाया (आंशिक या पूर्ण) चरण के कम-से-कम कुछ भाग के दौरान ग्रहणग्रस्त पिंड संदर्भ स्थान पर क्षितिज से ऊपर है या नहीं — यही नग्न-नेत्र ग्रहण है। शास्त्रीय ज्योतिष दृश्य ग्रहण को कहीं अधिक महत्व देता है।

परिभाषाएँ: मानक खगोलीय ग्रहण वर्गीकरण; ग्रहण-विवेचन इंजन के ग्रहण मॉड्यूल का अनुसरण करता है — देखें स्रोत व कार्यप्रणाली

आपके प्रश्नों के उत्तर

2026 में कितने ग्रहण हैं?

कुल 4: 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण।

2026 का पहला ग्रहण कब है?

वलयाकार सूर्य ग्रहण — 17 फ़रवरी 2026, 12:11 UTC, निरयण कुंभ में (धनिष्ठा नक्षत्र)।

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