धनु (Dhanu)

राशि #9 · द्विस्वभाव अग्नि राशि · स्वामी गुरु

वर्गीकरण

स्वामी गुरु
तत्व अग्नि — ऊर्जावान, सीधा और पहल करने वाला
स्वभाव द्विस्वभाव — अनुकूलन, संयोजन और मध्यस्थता की ओर प्रवृत्त
यहाँ उच्च
यहाँ नीच
स्व-राशि गुरु
मूलत्रिकोण गुरु

उच्च-नीच (ग्रह-अवस्था) पंक्तियाँ इंजन की BPHS अवस्था-तालिका से गणित।

धनु में नक्षत्र

नक्षत्रयहाँ के पदस्वामी
मूल 1, 2, 3, 4 केतु
पूर्वाषाढ़ा 1, 2, 3, 4 शुक्र
उत्तराषाढ़ा 1 सूर्य

3°20′ के नौ पद मिलकर 30° की राशि बनाते हैं — गणना से — कहीं से उतारकर नहीं।

धनु का विवेचन

बृहस्पति द्वारा शासित द्विस्वभाव अग्नि राशि: आकांक्षी, दार्शनिक अग्नि — ऐसा उत्साह जो किसी बड़े प्रयोजन के प्रति निष्ठा बनाए रखते हुए अपना लक्ष्य ढालता रहता है।

तथ्य गुणों (तत्व × स्वभाव × राशि-स्वामी, SIGNS में अंकित पाराशरी वर्गीकरण के अनुसार) से रचित — विवेचन इंजन का संयोजन-ढाँचा अनुशासन; किसी राशि के लिए अलग से कुछ भी गढ़ा नहीं गया। केवल सामान्य प्रवृत्तियाँ — कभी घटनाएँ, तिथियाँ या परिणाम नहीं।

आपके प्रश्नों के उत्तर

धनु (Dhanu) का स्वामी कौन सा ग्रह है?

गुरु धनु का स्वामी है।

धनु में कौन से ग्रह उच्च या नीच होते हैं?

यहाँ उच्च: —। यहाँ नीच: —।

धनु में कौन से नक्षत्र आते हैं?

मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा — कुल नौ पद।

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