वृश्चिक (Vrishchika)

राशि #8 · स्थिर जल राशि · स्वामी मंगल

वर्गीकरण

स्वामी मंगल
तत्व जल — भावना-प्रधान, सहज-बोधी और तत्पर
स्वभाव स्थिर — बनाए रखने, सुदृढ़ करने और डटे रहने की ओर प्रवृत्त
यहाँ उच्च केतु
यहाँ नीच चंद्र, राहु
स्व-राशि मंगल
मूलत्रिकोण

उच्च-नीच (ग्रह-अवस्था) पंक्तियाँ इंजन की BPHS अवस्था-तालिका से गणित।

वृश्चिक में नक्षत्र

नक्षत्रयहाँ के पदस्वामी
विशाखा 4 गुरु
अनुराधा 1, 2, 3, 4 शनि
ज्येष्ठा 1, 2, 3, 4 बुध

3°20′ के नौ पद मिलकर 30° की राशि बनाते हैं — गणना से — कहीं से उतारकर नहीं।

वृश्चिक का विवेचन

मंगल द्वारा शासित स्थिर जल राशि: संकेंद्रित भावनात्मक शक्ति — गहराई, निजता और तीव्रता को तब तक थामे रखने का सामर्थ्य जब तक वह रूपांतरित न हो जाए।

तथ्य गुणों (तत्व × स्वभाव × राशि-स्वामी, SIGNS में अंकित पाराशरी वर्गीकरण के अनुसार) से रचित — विवेचन इंजन का संयोजन-ढाँचा अनुशासन; किसी राशि के लिए अलग से कुछ भी गढ़ा नहीं गया। केवल सामान्य प्रवृत्तियाँ — कभी घटनाएँ, तिथियाँ या परिणाम नहीं।

आपके प्रश्नों के उत्तर

वृश्चिक (Vrishchika) का स्वामी कौन सा ग्रह है?

मंगल वृश्चिक का स्वामी है।

वृश्चिक में कौन से ग्रह उच्च या नीच होते हैं?

यहाँ उच्च: केतु। यहाँ नीच: चंद्र, राहु।

वृश्चिक में कौन से नक्षत्र आते हैं?

विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा — कुल नौ पद।

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